ग्वालियर, कृषि

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फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिये उद्यमी आगे आएँ, सरकार हर संभव मदद करेगी : केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर

केन्द्रीय खाद्य प्र-संस्करण उद्योग, कृषि एवं पंचायतीराज व ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि ग्वालियर– चंबल अंचल खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों की स्थापना के लिहाज से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। इनका दोहन कर इस क्षेत्र के छोटे और मझौले किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया जा सकता है। सरकार की फूड प्रोसेसिंग योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यमी इस क्षेत्र में खाद्य प्र-संस्करण इकाइयाँ (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) लगाने के लिये आगे आएँ। सरकार फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द मंजूरी दे रही है। श्री तोमर ग्वालियर में आयोजित खाद्य प्र-संस्करण शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण से जुड़कर किसान भी समृद्ध होंगे। साथ ही उद्यमियों को भी बड़ा फायदा होगा। 'मध्यप्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्र-संस्करण के अवसर और समावेशी विकास के लिये निर्माण साझेदारी' पर शुक्रवार को हुए इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता मध्यप्रदेश उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह ने की।
 
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आत्म-निर्भर पैकेज के तहत भारत सरकार ने फूड प्रोसेसिंग की 10 हजार छोटी इकाइयों की स्थापना में मदद देने का निर्णय लिया है। साथ ही कृषि अधोसंरचना पर भी सरकार एक लाख करोड़ रूपए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल सांस्कृतिक, पुरातात्विक, व्यापारिक क्षेत्र के साथ ही कृषि के क्षेत्र में भी समृद्ध है। यहाँ गेहूँ और धान का उत्पादन तो अच्छा होता ही है दलहन और तिलहन विशेषकर सरसों के उत्पादन, प्र-संस्करण की भी अपार संभावनाएँ हैं। मुरैना, भिण्ड और ग्वालियर में तिलहन प्र-संस्करण के कई उद्योग सुचारू रूप से चल रहे हैं।
 
केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मुरैना जिला शहद की दृष्टि से भी अग्रणी है। नेफेड ने शहद का एक एफपीओ बनाया है। जिसके माध्यम से गुणवत्ता युक्त शहद उत्पादन में वृद्धि, बेहतर पैकेजिंग-मार्केटिंग हो पाएगी। यहाँ का शहद देश के साथ दुनिया में भी बिके, इसका प्रयास किया जा रहा है।

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